फारुक अब्दुल्ला और उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा
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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और श्रीनगर सीट से सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार को राज्य सरकार में मंत्री चंद्रप्रकाश गंगा की टिप्पणी से भड़क गए। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर कैबिनेट मंत्री गंगा की टिप्पणी उनके गहरे पूर्वाग्रह और नीयत की तरफ इशारा करती है। पीडीपी के टिप्पणी पर दुख जताने को उन्होंने एक ‘दुख भरा चुटकुला’ करार दिया।
फारूक ने कहा कि पीडीपी का बीजेपी के साथ बगैर शर्त गठबंधन बताता है कि इस तरह की टिप्पणी हमारे लोगों के सम्मान की कीमत पर हो रही है। इस मुद्दे पर तो पीडीपी को भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ देना चाहिए था।
महबूबा के भाई तसदुक मुफ्ती का जिक्र करते हुए कहा कि भाई ही मानता है कि बहन की सरकार फेल रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। नई दिल्ली को भी उन्होंने आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स से ऊपर उठने को कहा। कहा कि कश्मीरियों को नेशनलिज्म बनाम एंटी नेशनल के तराजू पर नहीं तौला जा सकता। कश्मीर में राजनीतिक समस्या इतनी उलझी है कि किसी भी तरह की परिभाषा में बांधना ठीक नहीं।
राजस्थान और मेरठ की घटना पर चिंता
रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला
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घाटी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ ज्यादतियों पर दुख जताते हुए फारूक ने कहा कि युवा विरोधी भंगिमा और महबूबा मुफ्ती सरकार की नीतियों ने रियासत को बर्बादी की राह पर ला दिया है। खुद को घायल छात्रों, विशेषकर हमले का शिकार हुईं युवतियों के साथ बताते हुए उन्होंने उनके जल्द ठीक होने की कामना की।
नेशनल कांफ्रेंस के मुख्यालय ‘नवा-ए-सुबह’ से जारी एक बयान में उन्होंने देश के कई हिस्सों से विभिन्न संस्थाओं, खास तौर पर राजस्थान की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में कश्मीरी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने और उन्हें धमकाए जाने की रिपोर्टों पर चिंता जताई।
मेरठ से जुड़ी घटना पर भी उन्होंने चिंता जताई, जहां कुछ संस्थाओं ने कश्मीरियों को शहर छोड़ने या परिणाम भुगतने की चेतावनी देते होर्डिंग लगाए हैं। कहा कि नेशनल कांफ्रेंस मांग करती है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बात जल्द शुरू हो, ताकि कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सके।