जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को दिल्ली में राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं और चुनाव आयोग से मुलाकात की। इस दौरान जम्मू को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने और विधानसभा का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
दोनों बैठकों के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को देख रहे हैं। आगे फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक राज्य जो भारत का ताज है, उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया गै। सभी विपक्षी दल जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में 13 दलों के लोग एकत्रित हुए हैं और सभी इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। हम सब इस मुद्दे पर एक साथ हैं कि जब स्थिति सामान्य हो गई है तो जम्मू कश्मीर में चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं।
वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव और राज्य की बहाली के मुद्दे पर सहमत हैं। हम सभी जम्मू-कश्मीर के लोगों के दर्द को साझा करने के लिए श्रीनगर भी जाने के लिए तैयार हैं।