एक्शन मोड में आए नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक डा. फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार को नेकां नेता बशीर अहमद वीरी के घर अनंतनाग के चहुरम पहुंचे, जिनके पिता अब्दुल गनी वीरी का मंगलवार को निधन हो गया था। उनके साथ कई अन्य नेकां नेता भी थे। फारूक ने इस मौके पर पीएसए के तहत गिरफ्तार मसर्रत पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार किया।
डा. फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर से अनंतनाग का सफर ट्रेन में किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए इसका कारण सड़कें खराब होना बताया। डा. फारूक ने कहा कि यह शर्म वाली बात है कि मौजूदा सरकार द्वारा राजमार्ग के सुधार के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फारूक से जब मसर्रत की गिरफ्तारी और उससे पैदा होने वाली उलझनों पर उनके विचार पूछे गए, तो उन्होंने अपने होंठों पर उंगली रखते हुए कहा ‘नो कमेंट्स’। चहुरम में शिरकत करके डा. अब्दुल्ला अनंतनाग से ट्रेन से ही श्रीनगर वापस लौटे। इस मौके पर पार्टी के अली मोहम्मद सागर, नासिर असलम वानी, पीर मोहम्मद अफाक, अल्ताफ अहमद कैलो, अब्दुल मजीद भट्ट, जुनेद अजीम मट्टू, इफ्तिकार मिसागर आदि मौजूद रहे।