राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 450 रुपये प्रति कनाल के आधार पर बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। 450 रुपये सिंचाई सुविधा वाली भूमि के किसानों को उनके नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 225 रुपये गैर सिंचाई वाले जमीन से जुड़े किसानों को उनके नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए बीज, खाद तथा कीटनाशक की कीमत शामिल होगी।
इस संबंध में राज्य के कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने उच्चस्तरीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान घोषणा की तथा कहा कि बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। इस बैठक में फसलों के अलावा सब्जियों के नुकसान का भी जायजा लिया गया। वहीं मीर ने कहा कि स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एसडीआरएफ) के अलावा मुआवजे की धनराशि जारी की जाएगी तथा किसानों को संबंधित जिले के उपायुक्तों के माध्यम से मुआवजा आवंटित होगा।
मुआवजा देने के पहले कृषि तथा राजस्व विभाग के द्वारा फसलों के नुकसान का जायजा लिया जाएगा और इसके बाद मुआवजे का आवंटन होगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 3.50 हेक्टेयर से अधिक खड़ी फसल को क्षति पहुंची है। उन्होंने बताया कि 217 करोड़ की राशि मुआवजे के रूप में आवंटित किए जाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा रबी सीजन 2014-15 के लिए खाद बीज आवंटित करने की भी समीक्षा की जो 21753.5 क्विंटल बीज कृषि विभाग की ओर से आवंटित किया जाएगा। घाटी में 94650 मिट्रिक टन खाद की जरूरत को भी उजागर किया गया।