बेमौसम बारिश से पहले से ही मार झेल रहे किसानों को वीरवार की बारिश और मार गई। बारिश और तेज हवाओं ने गेहूं की बचीखुची फसल को भी तबाह कर दिया। फसलों को काटने की तैयारी कर रहे किसानों को फिर झटका लगा है। खेतों में पानी जमा हो गया है। सब्जियां लगाने के लिए अब खेतों के सूखने का इंतजार करना पड़ेगा।
पिछले कुछ दिनों से अच्छी धूप से फसलें पक गई थीं। खेत सूख चुके थे और किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी। अब फिर से बारिश हो गई है। खेतों में पानी जमा होने से कटाई बंद हो गई है।
कृषि विशेषज्ञ एवं शेरे कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के निदेशक जेपी शर्मा का कहना है कि फसलों की कटाई करने के लिए अब किसानों को कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। सब्जियों को लगाने के लिए भी इंतजार करना होगा।
बर्बाद फसल के चलते किसान पहले से ही परेशान थे। अब उनकी बची-खुची फसल तैयार है। किसान गेहूं की कटाई में व्यस्त हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की नींद ही उड़ा दी है। किसान कृष्ण लाल, कमल किशोर, रमेश कुमार आदि ने बताया की किसानों की हालत दिन प्रतिदिन पतली होती जा रही है।
किसानों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले उन्हें खाद-बीज की समस्या बाद में भारी बारिश से फसल नष्ट हो गई। अब बची-खुची तैयार फसल की कटाई कर रहे हैं तो बारिश ने कटाई की हुई फसल को नुकसान पहुंचाया है।
उनका कहना था कि कई किसानों की खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में किसान कहां जाए। यही कारण है कि किसान खेती से मुंह मोड़ते जा रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार की ओर से केवल खानापूर्ति ही की जाती है। किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं दिया जाता है। ऐसे में किसानों की नींद हराम होकर रह गई है।