सीमावर्ती गांवों में अभी किसानों ने धान की फसल काटी भी नहीं कि उन्हें गेहूं की फसल बोने की चिंता सताने लगी है। कारण है पाकिस्तान की तरफ से आए दिन होने वाली गोलाबारी।
पिछले तीन सालों का रिकार्ड खंगाला जाए तो साफ है कि पाकिस्तान ने बार्डर एरिया में फसल लगाने से पहले गोलाबारी की है। इसकी वजह से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र बिना फसल के रह जाता है।
इस साल धान की फसल के वक्त भी ऐसा हुआ। फसल काटने की बारी हो या लगाने की, पाकिस्तान ने हर बार गोलाबारी की है। जानकारी के अनुसार जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ जिलों में एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर के तीन से चार किलोमीटर के दायरे में 80 हजार हेक्टेयर तक का क्षेत्र आता है।
इसमें आईबी का 50 हजार और एलओसी और 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। आईबी पर 50 हजार में से 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ऐसा है, जो बार्डर के बिलकुल नजदीक है और पाकिस्तान इसे लगातार टारगेट कर रहा है।