आरएस पुरा। पिछले कई दिनों से मौसम के बार-बार बिगड़ने से गेहूं की फसल को रहे नुकसान से परेशान किसानों को अब फसल की कटाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर ढूंढे से भी नहीं मिल रहे।
एडवांस बुकिंग कराई जा रही है या किसान तपती धूप में खुद कटाई कर रहे हैं। उप जिले में इन दिनों खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पककर तैयार होने पर किसान को चिंतित हैं। किसान गेहूं की फसल कटाई के लिए मजदूरों की तलाश कर रहे हैं। इस बार मौसम की उठापटक के कारण फसल की कटाई पर कम संख्या में मजदूरों के आने से संकट खड़ा हो गया है। 10 दिन पहले तक आसानी से मिल रहे मजदूरों ने यकायक मजदूरी के रेट बढ़ा दिए हैं। किसानों की मानें तो पिछले वर्ष एक बीघा गेहूं की फसल कटाई के रेट 1000 से लेकर 1500 रुपये थे लेकिन इस बार उसी एक बीघा फसल की कटाई के लिए मजदूर 2000 से लेकर 2500 रुपये की डिमांड कर रहे हैं। किसान धर्मपाल चौधरी, राम प्रकाश व अजीत राज आदि ने बताया कि फसल कटाई के समय हर बार मजदूरों की आवश्यकता होती है लेकिन इस बार मजदूरों की कमी है। पिछले साल कंबाइन से कटाई का रेट 1000 से 1500 रुपये प्रति एकड़ था लेकिन इस बार यह भी बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गया है। कंबाइन थ्रेसिंग संचालक मोहन ने बताया कि डीजल पदार्थों की कीमत में वृद्धि के कारण वह रेट बढ़ाने को मजबूर हैं। ये मशीनें पंजाब और हरियाणा से मंगाई जा रही हैं। किसान सोहन सिंह का कहना है कि मौसम के बार-बार बिगड़ने पर कंबाइन मशीनें भी कम ही पहुंची हैं। अधिक मशीनों के आने पर किसानों को राहत मिल पाएगी।