उधमपुर। रेशम उत्पादन विकास विभाग जम्मू-कश्मीर की तरफ से शनिवार को शहर के रिवायत बैंक्वेट हॉल उधमपुर में रेशम किसान मेले का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को रेशम उत्पादन के लाभों की जानकारी दी।
इसका उद्घाटन निदेशक रेशम उत्पादन जम्मू-कश्मीर एजाज अहमद भट ने डिप्टी कमिश्नर सलोनी राय की मौजूदगी में किया। इस कार्यक्रम में जम्मू संभाग के रेशम कीट पालकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रेशम उत्पादन विकास विभाग, केंद्रीय रेशम बोर्ड (सीएसबी) और एसकेयूएएसटी-जम्मू के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
उद्घाटन समारोह के दौरान भट ने आधुनिक रेशम उत्पादन प्रथाओं, तकनीकी प्रगति और सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित करने वाली एक डॉक्यूमेंट्री लॉन्च की। डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में रेशम उत्पादन की अपार संभावनाओं और विभिन्न सरकारी पहलों से उन्हें मिलने वाले लाभों के बारे में किसानों, युवाओं और उद्यमियों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में कई रेशम कीट पालकों और किसानों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इसमें बताया गया कि किस तरह विभागीय योजनाओं और सहायता ने उनकी आजीविका को बदल दिया है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से रेशम उत्पादन में आय के एक लाभदायक और टिकाऊ स्रोत के रूप में तलाशने का आग्रह किया।
मेले में लगाए गए स्टॉलों का दौरा करते हुए भट ने किसानों और युवाओं को जम्मू-कश्मीर में रेशम उद्योग को मजबूत करने के लिए विभाग द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन-आधारित योजनाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जिला उपायुक्त ने किसानों को उपलब्ध विभिन्न लाभों पर जोर दिया और क्षेत्र में रेशम उत्पादन को एक स्थायी आर्थिक गतिविधि के रूप में बढ़ावा देने के लिए विभाग की प्रशंसा की।
सभा को संबोधित करते हुए एजाज भट ने एचएडीपी और समग्र-2 योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। क्षेत्रीय अधिकारियों से किसानों को ऑनलाइन पोर्टल और संसाधनों का उपयोग करने में मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षमता निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। इससे रेशम कोकून और रेशमकीट बीज उत्पादन को दोगुना करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने समग्र-2 और एचएडीपी के तहत 90 प्रतिशत प्रोत्साहन के साथ जम्मू-कश्मीर में अधिक स्वचालित रीलिंग मशीनें (एआरएम) स्थापित करने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। यह पहल स्थानीय रेशम कोकून की खपत को बढ़ाएगी, जिससे क्षेत्रीय रेशम उद्योग को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, रेशम कीट पालकों, किसानों और समर्पित विभाग के कर्मचारियों को रेशम उत्पादन में उनके योगदान के सम्मान में स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र, रेशमकीट पालन किट और आवश्यक उपकरण देकर सम्मानित किया गया।