पाकिस्तान को ऐसा जवाब आगे भी मिलते रहना चाहिए, क्योंकि उसे भी उस दर्द का एहसास हो। जिस दर्द को हम लोग सह रहे हैं। उड़ी हमले में शहीद हुए बिश्नाह के छिबूचक गांव के करनैल सिंह की पत्नी गीता देवी से अमर उजाला ने बातचीत की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह जवाब पहले ही मिलना चाहिए था। यदि भारत की तरफ से इस तरह की कार्रवाई पहले ही की जाती, तो जवानों की शहादत न होती, लेकिन जो कार्रवाई हुई है, उससे वह संतुष्ट हैं।
इससे उनका पति तो वापस नहीं आएगा, लेकिन उनकी आत्मा को शांति जरूर मिलेगी। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन लोगों ने धोखे से घुसकर हमला किया। हम लोगों ने सामने घुसकर मारा है।