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जम्मू-कश्मीरः घाटी में कड़ाके की ठंड और कड़ी सुरक्षा के बीच आतंक को मिली वोट की चोट

Sun, 29 Nov 2020 01:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
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मतदान का उत्साह... - फोटो : amar ujala
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद पहली बार हो रहे डीडीसी चुनावों में घाटी के लोगों ने आतंकवाद को एक करारा जवाब दिया है। कड़ाके की ठंड और कड़ी सुरक्षा के बीच डीडीसी के चुनाव घाटी में शांतिपूर्वक और सुचारू ढंग से आयोजित करवाए गए। लोगों ने विकास को एक मुख्य आधार बनाते हुए अपने मत का इस्तेमाल किया। इस बार की लड़ाई भाजपा बनाम पीएजीडी है जो 370 की बहाली को इन चुनावों में मुख्य मुद्दा बनाए हुए हैं। बडगा में सबसे ज्यादा 56.96 और पुलवामा में सबसे कम 6.70 मतदान हुआ।

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श्रीनगर से 20 किलोमीटर दूर हरवन इलाके में मतदान हुए। यह इलाका भले ही श्रीनगर जिले में आता है, लेकिन यहां की बुनियादी सुविधाओं को देख यह किसी पिछड़े गांव से कम नहीं लगता। यहां के लोग पिछले कई दशकों से विकास का इंतजार कर रहे हैं। अमर उजाला की टीम इस इलाके में मतदान होने से करीब 15 मिनट पहले पहुंची और वहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध देखने को मिले। पारा करीब माइनस 3 डिग्री सेल्सियस था और इलाके में हल्की बर्फ जमा थी। हड्डियां कंपा देने वाली ठंड में भी जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद थे।

सुबह सात बजते ही मतदान केंद्र खोल दिये गए और एक-एक कर लोग आना शुरू हुए। कड़ाके की ठंड के चलते भले ही लोग कम दिखे लेकिन जैसे-जैसे दिन निकलता गया तो इलाके में मतदान केन्द्रों पर लोगों की लाइनें देखने को मिलीं। हरवन थीद मतदान केंद्र पर मतदान के लिए पहुंचे ग़ुलाम कादिर ने कहा उम्मीदें तो बहुत हैं उम्मीदवारों से, लेकिन अब देखना है कि आगे जमीनी स्तर पर क्या किया जाता है। इस बीच 90 साल के लाला खटाना ने कहा कि उन्होंने अपने इलाके के विकास के लिए वोट डाला। 
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पहली बार मतदान किया, बोलीं पास में खुले कॉलेज तो मिले राहत
गुलखान मोहल्ला फकीर गुजरी में प्राइमरी स्कूल में अपने मत का पहली बार इस्तेमाल करने वाली शकीना बानो ने कहा कि हमारा यह इलाका करीब 18 किलोमीटर दूर पड़ता है, लेकिन यहां पर बुनियादी सुविधाओं की बहुत कमी है। कहा कि हम यहां पहाड़ी इलाके के बच्चे हैं और हमें दूर कॉलेज जाना पड़ता है। एक कॉलेज पास खुल जाए तो काफी राहत रहे। 

सुरक्षा के कड़े प्रबंध
चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान जगह-जगह मुस्तैद रहे। केवल वोटर लिस्ट में शामिल नाम वाले शख्स को पर्ची देखने के बाद पोलिंग स्टेशन में दाखिल होने दिया गया।  सुरक्षा प्रबंधों को लेकर आईजी सीआरपीजी चारु सिन्हा ने बताया कि सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। हर गली हर नुक्कड़ पर जवानों की तैनाती की गई। 

कोविड़ 19 प्रोटोकॉल का उलंघन 
श्रीनगर। पहले चरण के मतदान के दौरान अधिकतर मतदान केंद्रों पर कोविड़ 19 प्रोटोकॉल का उलंघन होते दिखाई दिया। लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया। लाइन में सभी एक पास लगे नजर आए। इसके अलावा मतदान केन्द्रों पर कहीं पर भी मेडिकल टीमें थर्मल स्कैनर लेकर नहीं दिखीं। यही हाल घाटी के अन्य जगहों पर भी देखने को मिला। 

फकीर गुजरी में केंद्र पर आचार संहिता का उलंघन 
फकीर गुजरी के गुलखान मोहल्ले में प्राइमरी स्कूल में बने मतदान केंद्र पर चुनाव आचार संहिता का उलंघन देखने को मिला। मतदान केंद्र के अंदर की दीवारों पर एक उम्मीदवार के पोस्टर और बाहर बड़े-बड़े बैनर लगे दिखे। जब यह बात वहां के अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई तो वह एक दम से हरकत में आए और सब पोस्टर और बैनर हटवा दिये गए।

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