वाहनों के लिए पार्किंग की जगह नहीं, हाईवे पर लगता है जाम
शौचालय की सुविधा न होने से व्यापारी और किसान परेशान
सांबा। कस्बे के नेशनल हाईवे किनारे निजी भूमि पर संचालित सब्जी मंडी में प्रतिदिन 30 से 40 लाख रुपये का कारोबार होता है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मंडी में करीब 40 दुकानें हैं, जहां दूर-दराज से सब्जी लेकर आने वाले किसानों और व्यापारियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
सुविधाओं की कमी से बढ़ रही दिक्कतें
मंडी में वाहनों के खड़े करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे हाईवे पर जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा, शौचालय और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
व्यापारियों की मांग – स्थानांतरित हो मंडी
आढ़त एसोसिएशन के सदस्य राहुल, अमित गुप्ता और शुभम संगडा ने बताया कि वाहनों को मंडी के अंदर ले जाने के लिए जगह की कमी के कारण हाईवे पर ही खड़ा करना पड़ता है, जिससे यातायात बाधित होता है। इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। व्यापारियों और किसानों की मांग है कि सब्जी मंडी को किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि हाईवे पर जाम की समस्या न हो। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। संवाद
हमने जिला प्रशासन के साथ हार्टीकल्चर विभाग को इस बारे में अवगत करवाया था कि मानसर मोड के निकट 40 कनाल भूमि है वहां पर मंडी को शिफ्ट किया जाए।
सन्नी संब्याल, प्रधान आढ़त एसोसिएशन सांबा
भारत-पाकिस्तान बंटवारे से पहले ही सांबा में सब्जी मंडी है, पहले कस्बे के मुख्य चौक हाईवे के किनारे पर ही सब्जी व फल बेचे जाते थे, अब हाईवे के किनारे पर एक निजी भूमि पर मंडी चल रही है, वहां पर जगह की कमी है।
- कुलवीर सिंह, प्रधान, रेहड़ी-फड़ी यूनियन सांबा।
सब्जी मंडी में सीमावर्ती कस्बा राजपुरा, रायपुर, रामगढ़, सुंब, नड से किसान सब्जी लेकर आते हैं। बाहरी राज्यों की मंडियों से भी सब्जी व फल के वाहन पहुंचते हैं। जगह की कमी के कारण वाहनों के खड़े रहने से समस्या बनी रहती है।
राकेश महाजन, स्थानीय निवासी सांबा
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कस्बे की सब्जी मंडी में शैचालय, पानी तक की सुविधा नहीं है। मंडी में जाने वाले लोगों के साथ किसानों को भी समस्या बनी रहती है। हाईवे पर वाहनों के खड़े होने से जाम बना रहता है।
- कुंज लाल, स्थानीय निवासी सांबा।
हमने 50 कनाल भूमि मंडी के लिए चिन्हित की है। विभाग के निदेशक को भी अवगत करवाया है। उन्होंने उपायुक्त को मंडी के लिए भूमि को ट्रांसफर करने के लिए खत लिखा है। भूमि के कागज पूरे होते ही मंडी को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- खेम राज, एजीएमओ हार्टीकल्चर विभाग सांबा