श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ का काफिला
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लोकसभा चुनाव को लेकर केंद्र से हजारों की संख्या में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को बुलाया गया था। इनमें सीआरपीएफ की महिला बटालियन भी शामिल थी। बताया जा रहा है कि चुनाव के लिए बुलाई गई अधिकतर कंपनियों को रोक लिया गया है। आगामी अमरनाथ यात्रा और फिर मचेल माता की यात्रा के लिए इनको रोका गया है।
इस बार अमरनाथ यात्रा से अधिक मचेल माता यात्रा को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि किश्तवाड़ में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होगी।
पिछले साल मचेल माता की छड़ी यात्रा को लेकर भी कुछ विवाद हुआ था। इसके अलावा इस साल किश्तवाड़ में संग नेता की हत्या की गई थी। इसके पहले भाजपा के परिहार बंधुओं की हत्या की गई थी। बीते एक साल में किश्तवाड़ में तीन आतंकी हमले हो चुके हैं। पुलिस की तरफ से भी यह बताया गया है कि किश्तवाड़ और चिनाब घाटी में सात आतंकी सक्रिय हो गए हैं, पहले इक्का दुक्का आतंकी थे।
सूत्रों का कहना है कि सीआरपीएफ की कई कंपनियों को रोक लिया गया है। जिनकी अमरनाथ यात्रा और मचेल में सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा केंद्र से सीआईएसएफ आर आईटीबीपी की कंपनियां भी आई हुई हैं।
इनमें से भी काफी को रोका गया है। सूत्रों का कहना है कि इस बार अमरनाथ और किश्तवाड़ मचेल यात्रा में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती रहेगी। आने वाले दिनों में कुछ नए कदम उठाए जाएंगे।