लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन ने घाटी को दहलाने की साजिश रची है। सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि दोनों ही आतंकी तंजीमों ने हाथ मिलाते हुए घाटी में उपचुनावों और पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी वारदात की व्यूह रचना की है। शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा और अनंतनाग में दोनों संगठनों के पोस्टर साथ मिलने से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
इनपुट के अनुसार दक्षिणी कश्मीर सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। कारण दक्षिणी कश्मीर का इलाका नेशनल हाईवे से बिल्कुल सटा हुआ है, जिससे सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाना आतंकियाें के लिए आसान हो सकता है। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सबसे ज्यादा 80 युवाओं ने इसी इलाके से आतंकी संगठनों का दामन थामा है।
सूत्रों ने बताया कि कुलगाम में सोमवार को पकड़े गए हिज्ब के आतंकियों ने भी इस बात का खुलासा किया है कि लश्कर के साथ मिलकर दक्षिणी कश्मीर में चुनाव के दौरान बड़े हमले की साजिश थी। सैन्य ठिकानों के साथ ही हाईवे पर सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाने के लिए बिजबिहाड़ा तथा आस पास के इलाकों में स्थान भी चिह्नित कर लिया गया था।