दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में बुधवार को मुठभेड़ के दौरान हिंसा भड़क उठी। इसमें 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जाती है। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने उस मकान को विस्फोट से उड़ा दिया जिसमें आतंकी छिपे हुए थे। बताते हैं कि मकान के मलबे में दबे आतंकियों को प्रदर्शन के बीच स्थानीय लोगों ने भगा दिया। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने आपरेशन स्थगित कर दिया।
बुधवार तड़के करीब 4 बजे एक सूचना के आधार पर सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा जिले के ताजीपोरा मोहम्मदपोरा इलाके की घेराबंदी की गई। इस दौरान घेरा सख्त होता देख एक मकान में छिपे आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। शुरू में खबर आई कि एक आतंकी को मार गिराया गया लेकिन उसकी किसी के द्वारा पुष्टि नहीं की गई। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा उस मकान को विस्फोटक से उड़ा दिया गया जिसमें आतंकी छिपे हुए थे। बाद में यह अफवाह फैली कि दोनों आतंकी मारे गए लेकिन शव बरामद नहीं हुए।
इस बीच स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मोहम्मदपोरा में विस्फोटक से गिराए गए मकान के मलबे के नीचे दो आतंकी दबे पाए गए जिन्हें वहां पहुंचे स्थानीय लोगों ने भागने में मदद की। हालांकि एसएसपी कुलगाम गुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि यह सब अटकलें हैं, ऐसा कुछ नहीं हुआ। शुरुआती फायरिंग के दौरान ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। मुठभेड़ स्थल से कोई भी शव बरामद न होने के बाद ऑपरेशन को स्थगित करना पड़ा।
इलाके में मुठभेड़ की खबर फैलते ही स्थानीय लोग मुठभेड़ स्थल के आस-पास एकत्रित हुए और सुरक्षाबलों पर जमकर पत्थरबाजी की। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। स्थिति काबू से बाहर होते देख सुरक्षाबलों द्वारा हवाई फायरिंग भी की गई।
हिंसक झड़पों में 60 से अधिक घायल हुए जिन्हें पीएचसी मोहम्मदपोरा ले जाया गया जहां से छह घायलों को जिला अस्पताल कुलगाम रेफर किया गया। इनमें एक को बुलेट इंजुरी थी, जबकि इनमें से चार को श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल रेफर किया गया। इलाके में मुठभेड़ शुरू होने के साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई।