जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी में आईपीएस और आईएएस अधिकारियों का टोटा खत्म नहीं हुआ। आलम यह है कि कुल मंजूर संख्या की आधी भी प्रदेश में नहीं है। ऐसे में प्रदेश में कई ऐसे महत्वपूर्ण पद हैं। यहां पर मौजूदा अधिकारियों को अतिरिक्त पदभार दिया गया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 137 आईएएस अफसरों की संख्या मंजूर है। लेकिन मौजूद सिर्फ 58 ही है। इनमें से भी 9 अफसर डेपुटेशन लेकर प्रदेश से बाहर हैं। इसी तरह से प्रदेश में आईपीएस अफसरों की संख्या 147 मंजूर हैं, लेकिन मौजूद 66 ही हैं। इनमें से भी 15 से 16 अफसर डेपुटेशन लेकर प्रदेश से बाहर ड्यूटी कर रहे हैं।
हालांकि केंद्र ने प्रस्ताव बनाकर कहा था कि जम्मू कश्मीर कैडर को दूसरे कैडर में शामिल किया जाएगा। हाल ही में केंद्र ने जम्मू कश्मीर कैडर को एजीएमयूटी कैडर में शामिल किया है। माना जा रहा है कि अब बाहर से अफसरों को जम्मू कश्मीर में भेजा जा सकेगा। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। किसी बाहरी अफसर को प्रदेश में अभी तक नहीं भेजा गया है। बता दें कि जम्मू कश्मीर पुलिस में सबसे अहम जम्मू सांबा और कठुआ रेंज के डीआईजी पुलिस का पद पिछले कई महीनों से खाली पड़ा हुआ है।
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राजोरी पुंछ के डीआईजी विवेक गुप्ता को जम्मू सांबा कठुआ रेंज का भी अतिरिक्त पदभार दे रखा है। देखा जाए तो जम्मू संभाग में राजोरी पुंछ एलओसी और जम्मू सांबा कठुआ रेंज बार्डर के अधीन आते हैं। पांचों जिलों की पुलिस सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके केंद्र और प्रदेश सरकार जम्मू सांबा कठुआ पुलिस रेंज के डीआईजी पद को लेकर गंभीर नहीं है।