जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण ने देश भर में झीलों के जीवन पर भी प्रतिकूल असर डालना शुरू कर दिया है। प्रदूषण से झीलों के वजूद पर खतरा मंडराने लगा है। जम्मू और कश्मीर की चार झीलें सिकुड़ रही हैं।
प्रदूषण और कचरे के कारण झीलों में सिल्ट भरने लगा है। इसके अलावा कुछ झीलों को अतिक्रमण के कारण भी खतरा झेलना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने 14 राज्यों की 66 झीलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर संरक्षण के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वुलर झील अब सिकुड़ कर लगभग आधी हो गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने कश्मीर के गिलसर और खुसालसर झीलों पर भी मंडरा रहे खतरों का संज्ञान लिया है। ये दोनों झीलें आपस में जुड़ी हुई हैं।
इनमें डल लेक से भी पानी जाता रहा है। लेकिन फिलहाल झीलों के तल में गाद की मात्रा बढ़ गई है और अतिक्रमण भी इन्हें लील रहा है।