म्यूनिसिपल कमेटी के अतिक्रमण हटाने के बाद पड़ा मलबा।
अखनूर। नगरपालिका की तरफ से सोमवार को मेन बाजार में चलाई गई अतिक्रमण हटाओ मुहिम के खिलाफ कई सामाजिक संगठन और दुकानदार आ गए हैं। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका ने एक तरफा कार्रवाई की, और रसूखदार दुकानदारों के फुटपाथों को नहीं हटाया। बताया जाता है कि ऐसे लोगों की नगर पालिका के अधिकारियों से सांठगांठ है, जिसके चलते उनके निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया है।
विदित हो कि सोमवार को नगर पालिका की तरफ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान मेन बाजार में 40 से अधिक दुकानदारों के थड़े जेसीबी से ध्वस्त कर दिए गए। यहां की सड़क चौड़ी की जानही है, इसका टेंडर भी पहले जारी हो गया है। जिस पर शीघ्र ही सड़क चौड़ा करने का कार्य शुरू होना वाला है। ऐसे में अगर नगरपालिका सड़क की मरम्मत करने के लिए नाली निर्माण कराती है तो कुछ माह बाद जब सड़क चौड़ा करने का काम शुरू होगा, तो नाली फिर से तोड़नी पड़ेगी और मरम्मत कार्य का पैसा बर्बाद हो जाएगा। नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर लोग प्रश्न उठा रहे हैं।
दुकानदार और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश गुप्ता ने कहा कि नगर पालिका ने त्योहार के चलते बाजारों में कार्रवाई की, जबकि इस कार्रवाई में कुछ रसूखदारों को छोड़ कर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने दुकानदारों को विश्वास में नहीं लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि नगर पालिका की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सही है, मगर दुकानदारों को विश्वास में करके कार्रवाई करनी चाहिए थी, जबकि त्योहारों के सीजन शुरू होने पर अतिक्त्रस्मण हटाने की मुहिम चलाई। यह मुहिम रात मेें भी की जा सकती थी। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को समय देना चाहिए था, मगर नगरपालिका ने एक तरफा कार्रवाई की।
विक्की कुमार ने बताया कि नगर पालिका की तरफ से त्योहारों का सीजन शुरू होने पर कार्रवाई की गई, ऐसे में दुकानदारों को समय देना चाहिए। फुटपाथ पर थड़ों के तोड़ने पर दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि सड़क को चौड़ा करने के लिए टेंडर भी जारी हो चुका है। ऐसे में सड़क की मरम्मत करने पैसा बर्बाद हो जाएगा।