संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। डेमोक्रेटिव आजाद पार्टी (डीएपी)के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री चौ. गारू राम ने सरकारी भूमि खाली करवाने की सरकार के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने शासन से इसे वापस लेने की मांग की है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन खाली करने के इस जनविरोधी आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। भू-माफिया और बड़े पैमाने पर अतिक्रमण में शामिल बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पहले भाजपा नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री डाॅ. निर्मल सिंह द्वारा सरकारी भूमि पर बनाए गए आवास को खाली कराया जाए। जम्मू-कश्मीर शासन राज्य की भूमि पर अतिक्रमण के लिए नया आदेश लेकर आई है, जिसमें उपायुक्तों को 31 जनवरी से पहले राज्य की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार लगभग हर माह ऐसे आदेश जारी कर रही है, जिसका सीधा असर आम आदमी के जीवन पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीब आदमी और छोटे किसान के जीवन और हितों की रक्षा के लिए आदेश जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार को बड़े भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि हालात यह हैं कि किसानों की मालिकाना कृषि योग्य भूमि सीमावर्ती क्षेत्र में तारबंदी में आने पर आज तक किसानों को इसकी राहत राशि नहीं मिल पाई। दूसरी ओर अब राज्य सरकार की ओर से किसानों द्वारा आजादी के पहले खेतीबाड़ी करने पर सरकारी भूमि होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हर दिन नए प्रयोग कर यहां के रहने वाले लोगों को बाहर निकाले जाने का प्रयास किया जा रहे, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बलवंत सिंह का कहना है कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में 11007 कनाल सरकारी भूमि है, जिसमें से 4481 कनाल घास चराई के लिए उनके पूर्वजों ने ही छोड़ रखी थी। अब इस जमीन को सरकारी जमीन कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की गलत नीतियों के चलते लोगों के वर्षों पुराने मकान तोड़कर राजस्व विभाग कब्जा हटवा रहा है, जो गलत है। सिंह ने कहा कि राज्य में कितनी सरकारें आईं, लेकिन किसी ने सरकारी भूमि को नहीं छेड़ा, अब बिना किसी नोटिस के जमीन छुड़ाई जा रही है।
किसान चूड़ राम का कहना है कि उपजिले में 641 कनाल भूमि रोशनी एक्ट के अंतर्गत लोगों ने फीस जमा करा अपने नाम कराई थी। अब इस जमीन को भी खाली कराया जा रहा है। कई लोगों ने रोशनी के अंतर्गत भूमि लेकर मकान व दुकानों का निर्माण कर रखा है। अगर लोगों से भूमि खाली कराई जाती है तो लोग कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को लचीला रुख अपना कर लोगों की परेेशानियों को देखना चाहिए।