निशानदेही के बाद भी भूमि को हड़पने की कोशिश में जुटे शेर-ए-चक गांव के अतिक्रमणकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर-ए-चक गांव में राजस्व विभाग की ओर से जमीन की निशानदेही कर लगाया गया सरकारी भूमि का बोर्ड सोमवार को दो महिलाओं ने उखाड़ दिया। इस बोर्ड को उखाड़ कर वह जताना चाहती थीं कि वह जमीन सरकारी नहीं, बल्कि उनकी है। हालांकि, ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध कर महिलाओं से बोर्ड छीन लिया और उसी जगह पर लगा दिया। फिलहाल, मामला शांत है और जानकारी राजस्व विभाग तक पहुंचा दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार दोपहर को अतिक्रमणकारियों के घर की दो महिलाएं खेतों में पहुंचीं और सरकारी भूमि पर लगे बोर्ड को उखाड़कर ले चलीं। इतने में ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और महिलाओं से बोर्ड लेने लगे। इस दौरान उनके बीच काफी कहासुनी हुई, लेकिन अंत में लोगों ने बोर्ड लेकर उसके स्थान पर लगा दिया। ग्रामीणों ने पूरा मामला नायब तहसीलदार दबलैड़ हबीबुल रहमान को फोन कर बताया। नायब तहसीलदार ने पटवारी, नंबरदार और चौकीदार को मौके पर भेजा। तीनों कर्मचारियों ने मौके का जायजा लिया और ग्रामीणों से बात की।
गौरतलब है कि तहसील प्रशासन सुचेतगढ़ और अरनिया ने गांव में तहसीलदार की मौजूदगी में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर निशानियां लगा दी थी। लेकिन, अतिक्रमणकारी इस कार्रवाई को मान नहीं रहे। उनके जिद पर प्रशासन चार बार भूमि की पैमाइश कर चुका है। इसके बावजूद झगड़े जैसे हालात हैं। तहसीलदार निर्भय शर्मा को पैमाइश की रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन उन्होंने अब उसे सार्वजनिक नहीं किया। वह मौखिक रूप से कह चुके हैं कि वह जमीन सरकारी है। लेकिन, अतिक्रमणकारी जब तक लिखित में आदेश नहीं देख लेते, उस भूमि का मोह नहीं छोड़ते जान पड़ते। उन्हें कानूनी कार्रवाई का भी कोई डर नहीं।