करीब डेढ़ महीने के संघर्ष के बाद मिली सफलता, रास्ते की निशानदेही कर राजस्व विभाग ने लगाया राज्यीय भूमि का बोर्ड
अतिक्रमणकारियों को मिली चेतावनी, दोबारा अतिक्रमण किया तो होगी कानूनी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ के गांव शेर-ए-चक में रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर करीब डेढ़ महीने से चल रहा विवाद अब शांत होता दिख रहा है। क्योंकि, शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम ने रास्ते की निशानदेही कर वहां राज्यीय भूमि का बोर्ड का लगा दिया है। साथ ही अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी है कि यदि दोबारा इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार सुबह ही संयुक्त समिति के सदस्य गांव में निशानदेही के लिए पहुंच गए थे। पहले उन्होंने सुचेतगढ़ तहसील की ओर से हदबंदी की। उसके बाद अरनिया तहसील की तरफ से हदबंदी कर राज्यीय भूमि को चिह्नित करना शुरू किया। बाद में सभी चिह्नित भूमि पर राज्यीय भूमि का बोर्ड लगा दिया। सुचेतगढ़ के तहसीलदार की ओर से गठित की गई संयुक्त समिति के सदस्यों को इस काम में करीब सात घंटे लगे। इस बीच ग्रामीणों के साथ कुछ बहस भी हुई और अतिक्रमणकारियों ने काम में बाधा डालने का प्रयास भी किया। लेकिन, अंत में नायब तहसीलदार हबीब उल रहमान की अध्यक्षता में काम पूरा किया गया। राज्यीय भूमि का बोर्ड लगाने के बाद उन्होंने गांव के नंबरदार और चौकीदार को जिम्मेदारी सौंपी कि अगर इस जमीन पर कोई कब्जा करने की कोशिश करता है तो तुरंत उसकी सूचना तहसील कार्यालय में दी जाए। उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों को खेत से बाहर निकालने लगे अतिक्रमणाकारी
अतिक्रमणकारियों से जमीन छुड़ाने में राजस्व अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब भी अतिक्रमणकारी के खेत में निशानी लगाई जाती, उसका विरोध किया जाता। पैमाइश के वक्त नौबत यहां तक आ गई कि अतिक्रमणकारी पैमाइश का फीता पकड़कर राजस्व अधिकारियों से खेत से बाहर जाने के लिए कहने लगे। इस पर नायब तहसीलदार ने कहा कि विभाग को काम करने दें। अगर किसी की कोई शिकायत है तो वह कार्यालय आकर आपत्ति जताए। अगर सरकारी काम में किसी ने बाधा डालने की कोशिश की तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नायब तहसीलदार के तीखे रुख पर अतिक्रमणकारी खामोश हो गए। उसके बाद निशानदेही करना आसान हो गया।
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अतिक्रमणकारियों ने की अलग से पैमाइश की जिद
निशानदेही के दौरान तहसीलदार सुचेतगढ़ निर्भय शर्मा मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनसे कुछ सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। रिकॉर्ड के अनुसार निशानदेही की जाएगी। खसरा नंबर 47 पर अतिक्रमणकारी से तहसीलदार ने कहा कि तुरंत इस जमीन से अपने टीन शेड हटा लें। क्योंकि, यह राज्यीय भूमि घोषित की गई है। इस पर अतिक्रमणकारी ने अपनी जमीन की अलग से पैमाइश कराने की जिद की। तब तहसीलदार ने कहा कि पैमाइश पूरी हो गई है। जैसा कहा गया है, उस पर अमल करें। नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मौके पर हो गई पानी और जूस की कमी, पड़ोसी गांव से हुई आपूर्ति
सात घंटे की कड़ी मशक्कत में भीषण गर्मी के बीच गांव में दुकानों पर पीने के पानी और जूस की किल्लत हो गई। तब अधिकारियों को पड़ोसी गांव से पानी और जूस की बोतलें लानी पड़ीं। अरनिया और सुचेतगढ़ तहसील के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भीषण गर्मी की परवाह किए बिना निशानदेही को मुकम्मल कर दिया।
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निशानदेही को लेकर दूसरे पक्ष ने लगाए आरोप
राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही करने के बाद जिन लोगों के खेत पर राज्यीय भूमि का बोर्ड लगाया गया है, उन्होंने बताया है कि संयुक्त कमेटी के सदस्यों ने तानाशाह रवैए के साथ निशानदेही की है। उन्होंने कहा कि सुबह की गई निशानदेही में निशानियां दूसरे खेत में आ रही थी। शाम को की गई निशानदेही में निशानियां किसी और खेत में चली गईं। इसलिए, संयुक्त कमेटी के सदस्यों की निशानदेही संदिग्ध लग रही है। जमीनों के मालिकाना हक को पूरा किए बिना ही निशानदेही कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तहसीलदार को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही उनसे मुलाकात की जाएगी और दोबारा से पैमाइश करने के लिए कहा जाएगा। बिना पैमाइश किए राज्यीय भूमि नहीं मानी जाएगी। मुकेश कुमार, कृष्ण लाल और अशोक कुमार ने अपना पक्ष रखा है।
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जमीन की निशानदेही कर दी गई है। राज्यीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। उस पर खसरा नंबर अंकित कर बोर्ड भी लगा दिया है। अब उस राज्यीय भूमि पर दखलअंदाजी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़