आरएस पुरा के वार्ड 12 और 13 के निवासियों ने विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
कहा - स्मार्ट मीटर लगाने के बाद भी लगाए जा रहे बिजली के कट
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। गर्मी में बढ़ोतरी होने के साथ सुचारू विद्युतापूर्ति न होने पर कस्बे के लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। कस्बे के साथ अन्य क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर कस्बे के वार्ड 12 व 13 के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली की अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आरएस पुरा-जम्मू मार्ग रोक कर प्रशासन व बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे लोगों में शामिल अशोक शर्मा, पवन कुमार, रामा कुमार, राज कुमार, दर्शना देवी, कांता चौधरी, आदि ने कहा कि आरएस पुरा कस्बे में स्मार्ट मीटर लगाने के बावजूद बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती बंद की कर दी जाएगी। लेकिन, विभाग ने अपना वादा पूरा नहीं किया। लोगों ने कहा कि इन दिनों अधिक गर्मी होने पर बीमार और छोटे बच्चों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जल संकट से जूझ रहे लोग भी जता रहे बिजली विभाग के खिलाफ रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा/मीरां साहिब। कस्बों से ग्रामीण क्षेत्रों तक रोजाना बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बिजली न होने से गर्मी सता रही है। साथ ही घरों में पानी भी नहीं आ रहा है। इससे लोगों के साथ दुकानदार व किसान भी परेशान हैं। पेयजल संकट से जूझ रहे लोग भी बिजली विभाग के खिलाफ रोष जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों के फोन बंद आते हैं। जम्मू-कश्मीर पीपल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि कभी दोपहर में तो कभी रात को बिजली काटी जा रही है। दो दिनों में तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है, और बिजली की कटौती भी बढ़ी है। बिजली विभाग के जेई का फोन बंद आता है। ऐसे में बिजली कटौती का समाधान कैसे होगा?
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उप जिले के लिए 1400 मेगावाट बिजली की जरूरत है, जबकि विभाग को 900 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। करीब 20 प्रतिशत बिजली कम मिलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोस्टर के मुताबिक आठ घंटे की कटौती है, लेकिन कई बार अधिक लोड होने पर बिजली काटनी पड़ती है।
- मंजीत सिंह, एईई, बिजली विभाग