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जम्मू कश्मीर: सालभर बाद पुंछ के भाटादूड़ियां जंगल में मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने आठ किलोमीटर के इलाके को घेरा

Fri, 25 Nov 2022 12:37 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ

सार

सुरक्षा बलों ने भाटा दूड़ियां से लेकर तोता गली तक आठ किलोमीटर के इलाके को पूरी तरह घेर रखा है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है। मुठभेड़ को देखते हुए जम्मू-पुंछ हाईवे को बंद कर दिया गया है। बताते हैं कि इलाके में संदिग्ध देखे जाने की सूचना पर दो दिन से नारखास जंगल में सेना तलाशी अभियान चला रही थी।
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पुंछ जिले के भाटादूड़ियां जंगल में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सालभर बाद एक बार फिर वीरवार की दोपहर पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर के भाटा दूड़ियां इलाके में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हुई। इलाके में तीन से चार आतंकियों का समूह मौजूद होने की आशंका है। सुरक्षा बलों ने भाटा दूड़ियां से लेकर तोता गली तक आठ किलोमीटर के इलाके को पूरी तरह घेर रखा है। 

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चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है। मुठभेड़ को देखते हुए जम्मू-पुंछ हाईवे को बंद कर दिया गया है। बताते हैं कि इलाके में संदिग्ध देखे जाने की सूचना पर दो दिन से नारखास जंगल में सेना तलाशी अभियान चला रही थी। वीरवार दोपहर को भाटा दूड़ियां के पास संदिग्ध देखे जाने के बाद सेना ने फायरिंग की।

इसके बाद रुक- रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ शुरू होते ही जम्मू-पुंछ हाईवे बंद कर दिया गया जो दोपहर दो बजे खोल दिया गया। दोपहर बाद फायरिंग बंद हो गई, लेकिन सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान जारी रखा। शाम 5.50 बजे दोबारा कांटैक्ट स्थापित हुआ और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई।
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इसके बाद जम्मू-पुंछ हाईवे को दोबारा बंद कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि मनकोट सेक्टर में पिछले कुछ दिनों से चल रहे तलाशी अभियान के दौरान घेरा सख्त होने पर आतंकी निकलकर नारखास के जंगल में आ गए, जो वीरवार को जवानों की नजर में आए।

नारखास का जंगल काफी घना है। साथ ही कई गहरे बरसाती नाले भी हैं जो इन दिनों सूखे हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों ने इन्हीं नालों में ठिकाना बना रखा है। 

पिछले साल 22 दिन चली थी मुठभेड़, पांच जवान हुए थे शहीद

पुंछ के भाटादूड़ियां में पिछले साल नवंबर महीने में हुई मुठभेड़ 22 दिनों तक चली थी। इसमें पांच जवान शहीद हो गए थे, लेकिन आतंकियों का सुराग नहीं लगा था। इस वजह से ऑपरेशन चलाते वक्त सुरक्षा बल पूरी सतर्कता बरत रही हैं। 

राजोरी और कश्मीर जाना आसान

जिस जगह मुठभेड़ हो रही है वहां से आतंकी राजोरी या फिर कश्मीर दोनों ओर जा सकते हैं। डेरा गली से होते हुए कश्मीर का रास्ता पकड़ा जा सकता है। यह आतंकियों का पुराना रुट रहा है। इसलिए सुरक्षा बलों की ओर से व्यापक दायरे में जवानों की तैनाती की गई है। 

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