रविवार शाम करीब पांच बजे सन्याल के ढोलका से सटे जंगली इलाके में लकड़ियां लेने गए दंपती ने सबसे पहले आतंकियों को देखा। आतंकियों ने उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया। हालांकि दोनों मौके से जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद उनकी सूचना पर एसओजी ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घेराबंदी देखते ही आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। उधर, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ ने पहुंचकर पूरे जंगल को घेर लिया। इलाके में ब्लैकआउट कर दिया गया। शाम छह बजे से गोलीबारी रुकी है।
पुंछ में दिखे संदिग्ध, सुरक्षाबलों ने चलाया तलाशी अभियान
पुंछ जिले के सुरनकोट में रविवार को संदिग्ध देखे जाने पर सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार सेना, पुलिस, एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों ने दरा, सांगला, डन्ना और शाहसतार के जंगलों, नदी, नालों व खेतों को खंगाला। मेंढर के गुरसाई, मूरी, पठानातीर, छुंगा के इलाकों में भी छानबीन की गई। दोपहर बाद खनेतरटॉप में संदिग्ध हरकत देखी गई। यहां भी तलाशी अभियान शुरू किया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इसे नियमित अभियान बताया है।
हमले की कोशिश विफल, हथियार बरामद
भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सुरनकोट पुंछ के सांगला टॉप से एक खुफिया-आधारित संयुक्त तलाशी अभियान में भारी हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और नशीले पदार्थ बरामद किए गए। सुरक्षाबलों के मुताबिक इससे राजौरी और पुंछ क्षेत्र में एक बड़े आतंकवादी प्रयास को विफल कर दिया गया और उनकी परिचालन क्षमताओं को बाधित किया गया।
गौरतलब है कि मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी के चलते बिलों में छुपे बैठे आतंकी ऊंचाई वाले क्षेत्रों का रुख करते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षाबल भी सतर्क हो जाते हैं ताकि आतंकियों का सफाया किया जा सके।
गोली लगने से एक बच्ची घायल
गोलीबारी में राधास्वामी आश्रम के पास रहने वाले बिहार निवासी मजदूर नागा की सात वर्षीय बेटी आंचल घायल हो गई। आंचल को हीरानगर उपजिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।