मुठभेड़ के दौरान आतंकियों के बचाने के लिए स्थानीय युवा सड़क पर उतर आए और सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। इलाके में बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को काबू करने के लिए सुरक्षाबलों ने भी आंसू गैस के साथ पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया।
बताया जा रहा है कि इस हिंसक प्रदर्शन में 4 स्थानीय लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार क्रास फायरिंग में सरजील शेख (खुडवानी), बिलाल अहमद तांत्रे (फ्रीजल), फैजल इलाही (मलहूरा शोपियां) व एजाज अहमद पला (मूल निवासी बटपोरा नागबल, वर्तमान पता तुलखान, बिजबिहाड़ा) की मौत हो गई।
मुठभेड़ स्थल पर देर शाम तक प्रदर्शन चलते रहे। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों की ओर मलबे को हटाकर तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी आतंकी का शव बरामद नहीं हो सका। इसके बाद शाम लगभग पांच बजे आपरेशन समाप्त कर दिया गया।
श्रीनगर सहित कई इलाकों में प्रदर्शन, एसएचओ बारामुला घायल
मुठभेड़ में चार पत्थरबाजों के मारे जाने की खबर मिलते ही श्रीनगर सहित कई अन्य इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए। श्रीनगर में स्कूली छात्र-छात्राओं ने सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। पथराव कर रही स्कूली छात्रों की भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
पीपर शेेल भी चलाया। इससे पूरे लाल चौक तथा रेजीडेंसी रोड इलाके में चारों ओर धुआं ही धुआं दिख रहा था। उत्तरी कश्मीर के बारामुला में भी डिग्री कालेज के छात्रों ने भारी पथराव किया। इस दौरान एसएचओ खालिद अहमद सिर में चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें श्रीनगर रेफर किया गया। कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ ही हंदवाड़ा तथा बांदीपोरा में भी प्रदर्शन हुए।
मुठभेड़ शुरू होते ही कुलगाम और अनंतनाग जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं। इसके अलावा एहतियाती तौर पर श्रीनगर-बनिहाल मार्ग पर ट्रेन सेवा को भी स्थागित कर दिया है। हालांकि, श्रीनगर-बारामूला मार्ग पर ट्रेनों का सामान्य रूप से संचालन किया जा रहा है। कुलगाम जिले में प्रशासन की ओर से सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
यासीन मलिक हिरासत में
मुठभेड़ के दौरान चार पत्थरबाजों के मारे जाने के विरोध में जुलूस निकालने की कोशिश में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह अबी गुजर स्थित कार्यालय से समर्थकों के साथ लाल चौक की ओर जुलूस की शक्ल में बढ़ रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया।