देशद्रोह के आरोप में कर्मचारियों की बर्खास्तगी को लेकर उठे विरोध के स्वर को कुचलने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है।
कर्मचारी संगठन इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी (इजैक) के नेता अब्दुल कयूम वानी को सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव कार्यालय से उनके निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
20 अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार की कार्रवाई से निबटने के लिए कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त फोरम का गठन किया है।
कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी पर संगठनों ने की गोपनीय बैठक
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शिक्षा विभाग में कार्यरत इजैक के अध्यक्ष अब्दुल कयूम वानी के निलंबन आदेश में कहा गया है कि जब तक जांच पूरी होती है, तक तक कयूम प्रशासनिक विभाग में अटैच रहेंगे।
वानी बारामुला में हाईस्कूल ओगमुना के इंचार्ज हेडमास्टर रहे हैं। पुलिस ने वानी के अलावा फारूक ट्रेल, फैयाज शबनम, मंजूर अहमद लंगू, तारिक अहमद सोफी, वजाहत दुरानी, लतीफ अहमद, लतीफ अहमद मलिक, एजाज अहमद खान, सज्जाद अहमद पारे को भी गिरफ्तार किया है। इन्हें बारामुला तथा कुपवाड़ा के सब जेल में शिफ्ट किया गया है।
कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने रविवार को गोपनीय बैठक कर भविष्य की आंदोलन की रणनीति तैयार की। अब्दुल कयूम वानी, मुश्ताक अहमद खान तथा एजाज अहमद खान के नेतृत्व में हुई बैठक में इजैक के तीनों धड़े के नेता शामिल हुए। कई अन्य संगठनों का भी प्रतिनिधित्व रहा।
तय किया गया कि इस पूरे मामले पर संघर्ष के लिए ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (जेसीसी) का गठन किया जाए। जेसीसी के बैनर तले ही पूरा आंदोलन चलेगा। बैठक में बर्खास्त तथा निलंबित कर्मचारियों के परिवार को पूरी मदद उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। साथ ही सरकार के कर्मचारी विरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करने का भी निर्णय किया गया। जल्द ही विरोध कार्यक्रम तय किया जाएगा।