इंप्लाइज ज्वांइट एक्शन कमेटी (इजैक) ने जम्मू कश्मीर सरकार को सैकड़ों कैज़ुअल लेबरों और डेली वेजरों को स्थायी नौकरियां न प्रदान करने को लेकर एक बार फिर से फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीरता से इस मुद्दे को नहीं देख रही है। बार-बार आश्वासन दिलाए जाने के बावजूद कुछ नहीं किया जाता। इस मुद्दे पर इजैक ने 28 मई को नागरिक सचिवालय के घेराव का भी ऐलान किया है।
श्रीनगर के एक स्थानीय होटल में सोमवार को इजैक के अध्यक्ष अब्दुल कयूम वानी ने प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उनके द्वारा सरकार के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार को लेकर अपना रोष जताया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा करीबन 61 हजार कैजुअल लेबर और डेली वेजरों को स्थायी नहीं किया जा रहा, जिसके कारण वह अच्छा जीवन स्तर व्यतीत करने से वंचित रह रहे हैं।
कयूम ने कहा कि जहां पूर्व सरकार द्वारा स्थायी करने के फैसले को स्थगित किया गया था वहीं अब मौजूदा सरकार भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठी है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री हसीब द्वारा सदन में कहा गया था कि डेली वेजर और कैजुअल लेबरों को स्थायी करने के लिए एक नीति का गठन किया जा रहा है लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ।
वानी से सभी कर्मचारियों से अपील की कि बढ़-चढ़ कर सचिवालय घेराव में भाग लें। अगर सरकार द्वारा बल का प्रयोग किया गया तो प्रदर्शन और उग्र किए जाएंगे जिसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी।