जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के विकल्प के लिए मांगी गई राय में हजारों चिकित्सा कर्मियों ने जम्मू-कश्मीर के लिए हामी भरी है। जम्मू संभाग के नौ हजार से अधिक चिकित्सा कर्मचारियों का सचिवालय में ब्योरा लिया गया है। इनमें लद्दाख न जाने के लिए कर्मचारियों ने कई कारण गिनाए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे कर्मी भी हैं, जो लद्दाख से संबंध रखते हैं, लेकिन वे कई वर्षों से जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जम्मू संभाग में चिकित्सा कर्मियों (गजटेड व नान गजटेड) के 11525 पद सृजित हैं, जिसमें 9390 भरे हुए हैं और बाकी संबंधित भर्ती एजेंसियों को रेफर किए गए हैं। हाल में सचिवालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग से सभी कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया, जिसमें एक फार्म देकर उनसे संबंधित जानकारी ली गई है। सूत्रों के अनुसार जम्मू संभाग में करीब सौ फीसदी कर्मचारियों ने जम्मू-कश्मीर के ऑप्शन पर टिक किया है, जबकि लद्दाख में जाने के लिए किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इस ब्योरे के बाद कितने कर्मचारियों को लद्दाख भेजा जा सकता है, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जाता है कि लद्दाख में चिकित्सा कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए कई कर्मियों का वहां तबादला किया जा सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
स्वास्थ्य निदेशक डा. रेणु खजूरिया के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों का ब्योरा सचिवालय से मांगा गया था, जिसे दे दिया गया है।