जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस कड़ी में टूरिज्म फेडरेशन ऑफ जम्मू के पदाधिकारी मुंबई के दो दिवसीय दौरे पर गए हैं। इस दौरान वे फिल्म उद्योग को आगे लाने के लिए अभिनेताओं, निर्देशकों, म्यूजिक कंपोजर आदि से मुलाकात कर उन्हें जम्मू-कश्मीर में शूटिंग आदि के लिए आमंत्रित करेंगे।
इस दल में फेडरेशन के चेयरमैन राजेश गुप्ता, श्री अमरनाथ जी यात्रा वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन किरण बात्तल समेत पांच सदस्य शामिल है। फेडरेशन के महासचिव रमण सूरी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का विस्तार करने की जरूरत है। इसमें फिल्म उद्योग बड़ी संभावनाओं के तौर पर है। जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हुए हैं, ऐसे में फिल्म की शूटिंग, डाक्यूमेंट्री आदि गतिविधियों को बढ़ाया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों स्थल ऐसे हैं जहां शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं। इससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों में बढ़ोतरी होगी। जम्मू-कश्मीर में फिल्म उद्योग के दोबारा कदम रखने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 60 से 70 के दशक में अधिकांश फिल्मों की शूटिंग जम्मू-कश्मीर में हुई है।