जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद-बिक्री में टैक्स रियायत के प्रावधान के बाद अब यहां विद्युत चालित वाहनों की ओर लोगों के साथ कंपनियों का रुझान भी बढ़ने लगा है। सरकार ने हाल ही में बिजली से चलने वाले वाहनों पर टैक्स की रियायत का आदेश जारी किया है। पहाड़ी प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के मद्देनजर भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच, इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियां भी प्रदेश में दिलचस्पी दिखाने लगी हैं।
अमेरिका और जर्मनी के सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक से विद्युत चालित वाहन बनाने वाले वाली कंपनी रिसाला मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड अपना इवोलेट ब्रांड लांच करने जा रही है। यह लांचिंग इसी माह होने जा रही है। देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी स्कूटर, स्पोर्ट्स बाइक, आल टैरेन व्हीकल, बस, ऑटो व पैसेंजर लोडर, ट्रैक्टर वीडर तैयार करती है। कंपनी जल्द ही कार सेगमेंट में भी नए प्रोजेक्ट पर काम करने जा रही है।
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रिसाला मोटर्स सीईओ प्रेरण चतुर्वेदी ने बताया कि कश्मीर घाटी का पारिस्थितिकी तंत्र बेहद संवेदनशील है। यहां पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहन समय की जरूरत हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में इवोलेट ब्रांड की सॉफ्ट लांचिंग जबकि फरवरी अंत तक औपचारिक लांचिंग करने की तैयारी है। रक्षा विभाग के वेटरन सदस्यों में कंपनी के संस्थापक कर्नल अहलावत और सीईओ स्क्वाड्रन लीडर प्रेरणा चतुर्वेदी समेत पेवेशरों की टीम इसमें काम कर रही है।