समुद्रतल से 13 हजार फुट की ऊंचाई और माइनस 25 डिग्री तापमान। दुश्वारियों के बीच उंबा गांव में पहली बार बल्ब जला तो ग्रामीणों की के चेहरे भी चमक उठे। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में दूरदराज गांव उंबा में पांच मोहड़ों के 97 घरों में पहली बार बिजली पहुंची। इससे पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया।
कारगिल नवीकरणीय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (करेडा), ग्लोबल हिमालयन एक्सपेडीशन (जीएचई) और रॉयल एनफील्ड के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम से गांव में बिजली पहुंचाने के काम को अंजाम दिया गया। जीएचई के प्रतिनिधि दोरजे ने बताया कि पांच छोटे गांवों के क्लस्टर उंबा में बिजली पहुंचाना बेहद मुश्किल था। माइनस 25 डिग्री तापमान में टीम ने पांच दिन तक लगातार काम जारी रखा। 103 सोलर ग्रिड स्थापित कर मस्सर युलजुक, मलिकबार थामा, मलिकबार स्किल्मा, शिलाबार और मड्ड के 97 घरों तक बिजली पहुंचाई गई।
इसके अलावा सात मस्जिदों को भी बिजली आपूर्ति होगी। यहां 17.5 किलोवाट क्षमता का सौर प्लांट लगाया गया है। मलिकबार के पंच मोहम्मद अली ने कहा कि क्षेत्र के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। जीएचई के संस्थापक पारस लूंबा ने कहा कि रॉयल इनफील्ड के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के तहत इस परियोजना को अंजाम दिया गया है।
पांच साल में 100 गांवों तक पहुंचाई बिजली
सोलर माइक्रो ग्रिड सॉल्यूशन से दूरदराज इलाकों में बिजली पहुंचाने में मदद मिल रही है। पिछले पांच वर्ष में लद्दाख के 100 गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है। इनमें घर और बौद्ध मठ भी शामिल हैं। करेडा के परियोजना निदेशक काचो अहमद खान ने कहा कि उंबा जैसे दूरदराज इलाकों के लिए सोलर माइक्रो ग्रिड सॉल्यूशन एक शानदार विकल्प बनकर सामने आया है। इस तकनीक से दूरदराज इलाके लाभान्वित हो रहे हैं।