आरएस पुरा। अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्र में 10 से 12 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कस्बों में बिजली कटौती के चलते व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ रहा है। दो दिन से ग्रामीण क्षेत्र में 12 से 14 घंटे कटौती की जा रही है। बुधवार सुबह आरएस पुरा कस्बे में सुबह 6 बजे बिजली काटने के बाद दोपहर 1 बजे आपूर्ति हो पाई।
राकेश कुमार का कहना है कि बिजली विभाग ने 6 बजे रिपेयर के लिए बिजली बंद की थी। 1 बजे बहाल होने के बाद 2 से 3 घंटे की आपूर्ति दी जा रही है, जबकि रात में भी अघोषित कटौती के चलते लोगों को जागना पड़ रहा है।
अजीत सिंह का कहना है कि दो दिन से बिजली कब आ रही कब जा रही पता नहीं चल रहा। मुश्किल से आठ- दस घंटे ही बिजली आ रही है। बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी सही से नहीं हो पा रही है।
बिजली की अघोषित कटौती के चलते लोगों को ट्यूबवेल का पानी भी नहीं मिल रहा। घर में पानी की मोर्टर भी कम वोल्टेज के चलते दिक्कत आ रही है। कस्बे के लोगों को घरों में पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल पर जाकर डिब्बों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
रमण कुमार
हर बार गर्मी में पानी की दिक्कत होने पर राज्य सरकार व विभाग को योजना बनाकर इस पर काम करना चाहिए। अनदेखी के सिवाए कुछ नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि आरएस पुरा उपजिले में लोगों को पीने के टैंकर से पानी की आपूर्ति का प्रबंध नहीं होने पर लगे ट्यूबवेल पर जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है और प्रशासन इससे बेखबर हैं।
रमेश चौधरी
लोड अधिक होने पर दिक्कत आ रही है। इसका समाधान करने का काम चल रहा है।
सतीश कुमार, जेई बिजली विभाग