- 100 मेगावाट हर साल बढ़ जाता है लोड, मौजूदा मांग 3200 मेगावाट से ज्यादा
- प्रदेश में आगामी दस साल में एक हजार से ज्यादा अतिरिक्त होगा बिजली का लोड
सतीश वालिया
जम्मू। प्रदेश में हर साल बिजली का अतिरिक्त लोड तीन फीसदी तक बढ़ रहा है। यानी, हर साल 100 मेगावाट से ज्यादा लोड बढ़ रहा है। आगामी दस साल में लोड एक हजार मेगावाट से ज्यादा होगा। उस समय 4200 मेगावाट से लोड ज्यादा रहेगा।
ऐसा दावा बिजली कारपोरेशन के अधिकारियों का है। इनके अनुसार लोड बढ़ने का कारण प्रदेश में तेजी से नए घर, उद्योग सहित दुकानें बन रही हैं। अतिरिक्त कनेक्शन के कारण भी लोड में बढ़ोतरी हो रही है।
2011 में जनगणना के अनुसार प्रदेश में आबादी एक करोड़ 36 लाख के करीब थी। इस दौरान बिजली लोड 1700 मेगावाट के आसपास था मगर 13 साल 2024 तक बिजली लोड 1500 मेगावाट अतिरिक्त बढ़ा है। यानी मौजूदा समय में बिजली लोड 3200 मेगावाट के करीब रह रहा है। प्रदेशभर में 36 लाख घरों की संख्या बढ़कर 42 लाख के करीब पहुंच गई है। ऐसे में बिजली की डिमांड ज्यादा है जबकि आपूर्ति कम हो रही है। फिलहाल 2026 से 2027 तक चार बड़े प्रोजेक्टों पर काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद बढ़े लोड के हिसाब से आपूर्ति होगी। इसमें किरु, रतले, क्वार हाइड्रो प्रोजेक्ट शामिल है। इनसे 3100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा। बढ़ते ही लोड के कारण अतिरिक्त प्रोजेक्टों पर काम शुरू करने की जरूरत भी रहेगी। इसी तरह जम्मू शहर में स्मार्ट सिटी सर्वे के हिसाब से 2011 में 1 लाख 20 हजार घर थे। अब बढ़कर 1 लाख 60 हो गए हैं। इसी तरह दुकानें 40 हजार थी। अब 80 हजार है। तेजी से हो रहे विस्तारीकरण के कारण लोड बढ़ रहा है।
राजस्व घाटे के कारण सर्दी और गर्मी में लोड पूरा करना हो रहा चुनौती
सर्दी और गर्मी के मौसम में डिमांड के हिसाब से बिजली पूरी करना कारपोरेशन के लिए चुनौती बन जा रहा है। पिक लोड 3200 मेगावाट पार कर रहा है जबकि खरीद 2700 मेगावाट तक हो रही है। ऐसे में जरूरत पूरी करने के लिए लंबे कट लोग सहन कर रहे हैं।
कोट साल दर साल कनेक्शनों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में निर्धारित लोड से 100 मेगावाट लोड अतिरिक्त बढ़ रहा है। औसतन 7 फीसदी दर से लोड में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। नए प्रोजेक्टों पर काम हो रहा है। इसके बाद ही समस्या का हल होगा।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन