राज्य में आई बाढ़ का असर चुनावी तैयारियों पर भी पड़ा है। श्रीनगर में मतदाता सूची के रिवीजन का काम ठप हो गया है। हालांकि जम्मू संभाग में रिवीजन चल रहा है। रिवीजन के बाद फाइनल मतदाता सूची पहली अक्टूबर को जारी की जानी थी, लेकिन फिलहाल तय तिथि पर इसका प्रकाशन हो पाना मुश्किल लग रहा है।
जहां तक बात इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों का है तो श्रीनगर के तीन जिलों की ही ईवीएम आ पाई थी कि बाढ़ के संकट ने राज्य को घेर लिया। जम्मू संभाग के भी सभी जिलों की ईवीएम गुजरात से अब तक नहीं आ पाई है। चुनावी माहौल भी ठंडा पड़ गया है।
राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा करने के लिए दस सितंबर को भारतीय चुनाव आयुक्त की बैठक भी बाढ़ के कारण टल गई थी। दोनों संभागों की सरकारी मशीनरी इस समय बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास, राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।
सह चुनाव अधिकारी जय कुमार का कहना है कि जम्मू में रिवीजन का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। तय तिथि पर मतदाता सूची प्रकाशित करने की दृष्टि से तैयारियां चल रही हैं। फिलहाल चुनाव टलने संबंधी कोई सूचना आयोग की ओर से नहीं भेजी गई है।