सीजफायर समझौते के कारण ग्रामीणों में बिल्कुल भी नहीं था पाकिस्तान फायरिंग का डर, शांतिपूर्वक किया मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। लोकतंत्र के त्योहार के दूसरे चरण में जम्मू-कश्मीर की जम्मू संसदीय सीट पर भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्र परगवाल में शनिवार को नई सरकार चुनने को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह रहा। नए वोटर पहली वार वोट डालकर काफी खुश दिखे।
सीजफायर समझौते के कारण ग्रामीणों में पाकिस्तान फायरिंग का डर बिल्कुल भी नहीं था। इससे ग्रामीणों ने बेखौफ होकर वोट डाले तहसील परगवाल के सभी 18 मतदान केंद्र सरहद से पांच किलोमीटर के दायरे में आते हैं। इनमें कुछ ऐसे भी मतदान केंद्र भी थे जो सरहद से लगभग 150 मीटर से 500 मीटर के दायरे में थे। लोगों ने बेखौफ और उत्साह के साथ वोट डाले। नरसिहंपुर से हमीरपुर कोना तक के बीच लगभग 25 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे करीब 40 गांवों के लोगों के लिए 18 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गये थे। शाम 6 बजे तक क्षेत्र में 80.57 फीसदी मतदान हुआ जिसमें महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा वोट डाले। सरहदी क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये थे पुलिस और सीआरपीएफ की टीमों के साथ साथ बीएसएफ और सेना ने सरहद पर मोर्चा संभाला हुआ था कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्वक रहा। बुजुर्गों ने बताया कि मतदान वाले दिन गांव हरे भरे हो जाते हैं, जो लोग यहां से जम्मू या दूसरी जगह चले गए हैं मतदान वाले दिन बच्चों समेत गांव में वोट डालने पंहुचते हैं।
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परगवाल के गांव नरसिहंपुर के स्कूल में मतदान के लिए लाईन में खडे ग्रामीण
यह मतदान केन्द्र भारत पाकिस्तान सीमा से करीब 150 मीटर की दूरी पर था पीछे पाकिस्तान का टावर साफ दिखाई दे रहा है