जम्मू जोन के आईजी एमके सिन्हा ने किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस ने अपने आतंकवाद विरोधी विशेष अभियान समूह (एसओजी) को क्षेत्र में आतंकवादियों को निष्क्रिय करने का काम सौंपा है।
जिले में आठ आतंकवादियों के सक्रिय होने की खबरें हैं। एसओजी को इन आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के लिए कहा गया है। पुलिस और आतंकवादियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ में दो एसपीओ के घायल होने के एक दिन बाद आईजी ने यह बात स्वीकार की।
आईजी ने कहा कि हमने आतंकवादी घटनाओं के बाद किश्तवाड़ में एसओजी को सक्रिय कर दिया है। जम्मू संभाग में आतंकवाद के दोबारा जिंदा होने संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि आतंकवादी अपने नापाक मंसूबे बनाए रखेंगे, लेकिन पुलिस जल्द ही उन्हें नाकाम कर देगी।
हालांकि, उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने 20 मई को किश्तवाड़ क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी होने से इनकार किया था। ज्ञात हो कि दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले के साथ अपनी सीमाओं को साझा करने वाले किश्तवाड़ में हाल के समय में आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिली है। पिछले साल परिहार बंधुओं के साथ ही इस साल आरएसएस नेता व उनके गार्ड की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके साथ ही डीसी के गार्ड से हथियार भी छिन लिया था।
आईजी ने मुठभेड़ स्थल का किया दौरा
आईजी ने शनिवार को किश्तवाड़ के दूरदराज तहसील मढ़वा इलाके का दौरा किया। यहां आतंकियों ने घात लगा कर शुक्रवार को सुरक्षाबलों पर हमला किया था, जिसमें दो एसपीओ गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस दौरान उन्होंने मौजूद सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि इन आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनके साथ किश्तवाड़ जिले के एसएसपी शक्ति कुमार पाठक भी थे। जिन्होंने वहां की पूरी स्थिति के बारे में आईजीपी को जानकारी दी।