छह सितंबर को होने वाली ईद को लेकर इस बार घाटी में उत्साह नहीं देखने को मिल रहा है। न तो बकरों के खरीदार मिल रहे हैं और न ही अन्य सामानों की खरीदारी का लोगों में उत्साह है। श्रीनगर शहर के ज्यादातर बाजारों में दुकानें अभी खुली नहीं हैं। कुछ खुली हैं तो उनमें ग्राहक नहीं हैं।
यही कारण है कि ईद से पहले बकरे लेकर घाटी जाने वाले गुज्जर-बकरवाल इस बार ईद से पहले ही अपने पशुओं के साथ लौटने लगे हैं। घाटी में हर साल ईद पर बकरे लेकर पहुंचने वाले मोहम्मद उमर इस बार भी पहुंचे, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण उन्होंने जम्मू का रुख कर लिया है।
उमर के अनुसार घाटी में खरीदार न होने के डर के कारण वे पशुओं को लेकर जम्मू जा रहे हैं, ताकि उन्हें नुकसान न हो। पशुओं को लेकर पहुंची एक महिला गुज्जर शकूरा ने बताया कि हर साल उनके पशुओं को घाटी में अच्छी कीमत मिलती रही है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा। लोग अपने आशियाने संभालने में व्यस्त हैं। ऐसे में बहुत कम लोग ही पशु खरीदने की कोशिश करेंगे।