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बाड़ी ब्राह्मणा में पांच स्कूल में 29 शिक्षक

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कमरे में पर्याप्त जगह नहीं होने पर बरामदे में लगी क्लास
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बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे में म्यूनिसिपल कमेटी क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की संख्या पांच है। इसमें प्राइमरी और मिडिल दो-दो स्कूल हैं, जबकि एक हाई स्कूल है। प्राइमरी स्कूल बस्सी खुर्द में कुल बच्चे 50, और 4 शिक्षक हैं।
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वार्ड-13 प्राइमरी स्कूल में 100 बच्चे और 6 शिक्षक हैं। वार्ड-दो मिडिल स्कूल में 305 बच्चे और सात शिक्षक हैं। वार्ड-2 हाई स्कूल में 219 बच्चे और सात शिक्षक हैं। वार्ड-10 मिडिल स्कूल में 416 बच्चे और सात शिक्षक हैं। जिनमें कुल बच्चों की संख्या 1090 के करीब है और अभी भी दाखिले जारी हैं। इन पांच स्कूलों में शिक्षकों की संख्या 29 है। इसमें से भी कुछ शिक्षक स्कूलों में अटैच किए गए हैं। किसी समय भी वहां से उनको उठा लिया जाता है।
बाड़ी ब्राह्मणा के सरकारी स्कूल इस समय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। बच्चों को पूरी तरह से पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं मिल रहे हैं। कई स्कूल में तो कुक और अन्य नॉन एसेंशियल स्टाफ के सदस्य बच्चों को पढ़ाते हैं। अभिभावक शिक्षकों की कमी को लेकर परेशान हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसका असर सीधे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य को लेकर शिक्षा प्रणाली फेल हो चुकी है। इसका उदाहरण कस्बे में ही देखने को मिल रहा है। 416 बच्चे धौलिया मिडिल स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनके ऊपर सात शिक्षक हैं।
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इसके बारे में मुख्य शिक्षा अधिकारी सांबा जसवंत सिंह को बताया गया। उन्होंने चंद दिनों में कार्रवाई के लिए कहा, लेकिन कोई पहल नहीं हो पाई।
दूसरी ओर जिले में कई ऐसे स्कूल हैं, जिसमें बच्चों की संख्या कम और उनके शिक्षक ज्यादा हैं। उदाहरण के तौर पर प्रमंडल के मिडिल स्कूल संघवाल में बच्चों की संख्या 30 है, जबकि 12 शिक्षक हैं। इसको लेकर भी शिक्षा विभाग उचित जवाब नहीं दे पाया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है अगर यहां से शिक्षक स्थानांतरित कर उन स्कूलों में भेज दिए जाएं तो बच्चों का भविष्य संवर सकता है।
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