बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे के धौलिया के वार्ड-10 में सरकारी मिडिल स्कूल की स्थिति काफी बदहाल है। इसमें बच्चों की संख्या 411 है। अभी तक नई कक्षाओं के लिए दाखिले हो रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र नौ शिक्षक हैं। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए कुल नौ कमरे हैं।
मिडिल स्कूल की स्थिति काफी बदहाल है। यहां कुछ बच्चे कमरों के अंदर पढ़ते हैं, और कुछ बरामदे में बिठाए जाते हैं। कमरों में बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क उपलब्ध नहीं है। उनकी जगह चटाई का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली कक्षा में बच्चों की संख्या 75 है। 411 बच्चों पर नौ शिक्षक हैं, जिसमें कोई छुट्टी पर चला जाता है और बाहर से शिक्षक की व्यवस्था की जाती है। बच्चों की कक्षाएं भी पूरी तरह से लग नहीं पाती हैं।
स्टाफ की कमी के चलते कई बार मिड डे मील बनाने वाली कुक भी बच्चों को पढ़ाती हैं। मिड डे मील बनाने के लिए आठ कुक नियुक्त हैं। ज्यादातर कुक शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों को पढ़ाते हैं। बारिश होने पर छत टपकती है, जिससे पूरा कक्ष गीला हो जाता है। स्कूल इमारत की दीवारों में दरारें आ गई हैं। खिड़कियां दरवाजे टूटे हैं। मरम्मत कार्य के लिए कोई भी रास्ता नहीं दिख रहा। पानी की सुविधा से भी स्कूल वंचित है, बाहर से पानी लाना पड़ता है।
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स्थानीय लोगों ने मिलकर सिंचाई विभाग के साथ लगती जमीन के लिए खेल का मैदान बनाने के लिए उपायुक्त अनुराधा गुप्ता के समक्ष प्रस्ताव भेजा था, जिस पर कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन उसके बाद कोई काम नहीं हो पाया है। प्रस्ताव धरा का धरा रह गया है।
-प्रवीण कुमार, क्षेत्रीय पार्षद
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सरकारी मिडिल स्कूल में बच्चों की एनरोलमेंट काफी हो रही है। रेशनलआईजेशन के हिसाब से वहां शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्कूल की ग्रांट बढ़ाने के लिए भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। फिलहाल बच्चों की सहूलियत के लिए स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
-यशवंत सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी, सांबा