- 12 साल पहले सरकारी स्कूल ब्यासपुर किया था हाई, अध्यापकों की तैनाती की आज तक याद नहीं आई
- मास्टर ग्रेड का एक भी टीचर नहीं
- एक शिक्षक पढ़ा रहा तीन-तीन कक्षाएं
- 84 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। राजकीय हाई स्कूल ब्यासपुर में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली हैं। स्कूल में 14 शिक्षकों की जरूरत है, जबकि मात्र छह तैनात हैं। इनमें भी एक छुट्टी पर चल रहा है और दूसरा शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से अटैच है और एक बीएलओ की ड्यूटी दे रहा है। चार शिक्षक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
12 साल पहले स्कूल का दर्जा बढ़ाया गया था, लेकिन मास्टर ग्रेड के एक भी अध्यापक की तैनाती आज तक नहीं की गई है। प्री प्राइमरी, पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक कुल 84 विद्यार्थी हैं। हर शिक्षक को दो से तीन कक्षाएं पूरे विषयों के साथ पढ़ानी पड़तीं हैं। स्कूल में शिक्षकों की कमी से अभिभावक भी परेशान हैं। अभिभावकों ने पंचायत के समक्ष कई बार समस्या उठाई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्कूल इंचार्ज को शिक्षकों की कमी पर जवाब मांगा था। बावजूद इसके शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्कूल में खेलकूद और अन्य प्रतियोगिताओं के लिए भी बच्चे तैयार नहीं हो पा रहे हैं। स्कूल में हर स्तर पर स्टाफ की कमी है।
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कई बार बच्चे घर में आकर बताते हैं कि पढ़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं हो पा रहा। एक ही शिक्षक दो से तीन कक्षाएं पढ़ा रहा है। कई बार शिक्षक छुट्टी पर होने से बिना पढ़ाई के ही बच्चों को घर लौटना पड़ता है।
राकेश सिंह, उप सरपंच, ब्यासपुर पंचायत
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बच्चों को निशुल्क शिक्षा के लिए सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और सामने आ रही है। राजकीय हाई स्कूल महज चार शिक्षकों पर निर्भर है। इससे साफ है,कि शिक्षा विभाग और सरकार सिर्फ समय बर्बाद कर रही है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो सरकारी स्कूलों में महज डेस्क पड़े रहेंगे। बच्चों को सरकारी स्कूल में कोई नहीं भेजेगा।
दर्शन कुमार, पूर्व पंच
प्राइवेट स्कूल में बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाना हर परिवार के लिए संभव नहीं, जो परिवार बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं सरकार को उन बच्चों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। जिस तरह से स्कूल में सुविधाओं का अभाव है, ऐसा लग रहा है कि सरकार महज खानापूर्ति करने में जुटी हुई है।
दर्शन कुंडल, पंच, ब्यासपुर पंचायत
राजकीय हाई स्कूल ब्यासपुर शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षा विभाग के मुख्य अधिकारी को इससे अवगत करवाया गया है। लिखित में कम से कम चार शिक्षक बढ़ाने के लिए कहा है, जल्द ही समस्या का हल कर दिया जाएगा।
उत्तम चंद, जोनल शिक्षा अधिकारी, आरएस पुरा