- कक्षा एक से आठ तक शिक्षकों को मिलेगा पाठ योजना, वर्कशीट और वीडियो कंटेंट का डिजिटल सहारा
- समग्र शिक्षा ने एससीईआरटी से मानक शैक्षणिक सामग्री तैयार कर साझा करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूलों में पढ़ाने के तरीके को तकनीक से बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षक सहायक चैटबॉट के रूप में डिजिटल मदद मिलेगी। इस चैटबॉट के जरिए शिक्षकों को पाठ योजना, वर्कशीट, वीडियो कंटेंट और विषय से जुड़ी सहायक सामग्री एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्लास की तैयारी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगी।
समग्र शिक्षा की ओर से इस संबंध में एससीईआरटी को पत्र लिखकर कक्षा एक से आठ तक के सभी विषयों की मानक पाठ योजनाएं तैयार कर साझा करने को कहा गया है। इन पाठ योजनाओं को जांच और अंतिम रूप देने के बाद शिक्षक सहायक चैटबॉट पर अपलोड किया जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री शिक्षकों तक पहुंच सके। यह शिक्षक सहायक चैटबॉट विद्या समीक्षा केंद्र के तहत विकसित किया गया है और इसे एआई तकनीक से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को रोजमर्रा के शिक्षण कार्य में डिजिटल सहयोग देना है, ताकि उन्हें अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े और पढ़ाने की तैयारी में लगने वाला समय कम हो सके।
समग्र शिक्षा के उप निदेशक चंचल कुमार शर्मा ने बताया कि यह चैटबॉट प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा चुका है और शिक्षकों से इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। खासकर नए शिक्षकों और दूरदराज इलाकों में तैनात शिक्षकों के लिए यह टूल उपयोगी साबित हो रहा है, जहां शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सीमित रहती है।
शिक्षकों के फीडबैक में सामने आई पाठ योजनाओं की कमी
अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों के फीडबैक में सबसे बड़ी जरूरत व्यवस्थित और तैयार पाठ योजनाओं की सामने आई है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब एससीईआरटी के सहयोग से चैटबॉट की सामग्री को और मजबूत किया जा रहा है। आगे चलकर इसमें अभ्यास प्रश्न, सीखने के स्तर से जुड़े सुझाव और आकलन से संबंधित सामग्री जोड़ने की भी योजना है। विभाग का मानना है कि एआई आधारित शिक्षक सहायक चैटबॉट से न केवल शिक्षकों का कार्यभार कम होगा, बल्कि कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। बेहतर तैयारी का सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा और स्कूल शिक्षा में डिजिटल तकनीक की भूमिका और मजबूत होगी।