फोटो पीएचवन में
उपराज्यपाल ने नई दिल्ली में बालाजी फाउंडेशन के ‘भारत शिक्षा शिखर सम्मेलन’ को किया संबोधित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को नई दिल्ली में आयोजित भारत शिक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। बालाजी फाउंडेशन की ओर से विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन में एलजी ने कहा कि शैक्षणिक यात्रा के दौरान छात्रों में चेतना का विकास होता है और नैतिक मूल्य प्रखर होते हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उपस्थित थे।
एलजी ने शिक्षा में नैतिकता, मूल्यों और राष्ट्रीय पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि नैतिकता और मूल्य हमें समाज के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान शिक्षा के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श और विचारों के आदान-प्रदान से चुनौतियों और अवसरों का पता चलेगा और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य यह है कि छात्र पुस्तकों से प्राप्त यादों के भंडार के बजाय ज्ञान का जीवंत स्रोत बनें। उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति रचनात्मक कल्पना, नैतिक मूल्यों और एक समतावादी, समावेशी और बहुलवादी समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए दृढ़ संकल्प की भावना को बढ़ावा देती है।
तीन एच को रखें ध्यान
उपराज्यपाल ने शैक्षणिक संस्थानों से ऐसे व्यक्तित्व विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा जो करुणा और नवाचार का सही मिश्रण हों। उपराज्यपाल ने कहा, तीन ''एच''- हेड, हार्ट और हेरिटेज- इस मिशन में मदद करेंगे और वे शिक्षा प्रणाली में टूटी हुई नैतिक कड़ी को भी बहाल करेंगे।