लेह। लद्दाख एनवायरनमेंट एंड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (एलईएचओ) ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के ज्वलंत मुद्दों को संबोधित करने और पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए छात्रों में जागरूकता लाने के लिए सोमवार को जामयांग हाई स्कूल में एक कार्यशाला का अयोजन किया।
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के विषय पर भाषण लेखन प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। तीन उत्कृष्ट छात्रों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। स्नो लेपर्ड कंजरवेंसी के निदेशक डॉ. त्सावांग नामग्याल मुख्य वक्ता थे। डॉ. नामग्याल ने लद्दाख में ग्लेशियरों और अल्पाइन चरागाहों की खतरनाक गिरावट पर प्रकाश डालते हुए एक व्यावहारिक भाषण दिया। उन्होंने इन पर्यावरणीय खतरों को कम करने के लिए सामूहिक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। एलईएचओ के संस्थापक डॉ. मोहम्मद दीन ने लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों की गंभीरता को रेखांकित किया। डॉ. दीन ने विद्यार्थियों से वृक्षारोपण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और संरक्षण प्रयासों जैसी पहलों के माध्यम से लद्दाख को हरा-भरा बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए एक सरल जीवन शैली अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उप निदेशक ताशी थोकमत ने लद्दाख में पारंपरिक कृषि प्रणालियों में गिरावट पर प्रकाश डाला और जलवायु परिवर्तन से निपटने में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।