सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर मौजूद छात्राएं। स्रोत : स्वयं
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग ने वीरवार को भारतीय सांकेतिक भाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने सांकेतिक भाषा को संचार का एक सशक्त माध्यम करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बधिर समुदाय के लिए पहचान, संस्कृति और सशक्तिकरण का प्रतीक भी है। वक्ताओं ने बताया कि अकेले भारत में छह करोड़ से ज्यादा लोग सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं। इस दौरान अपनी बात रखने वालों में गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सारिका मनहास, सीआरसी जम्मू की निदेशक डॉ. रोहनीका, मुनीर मीर, मेघना शर्मा, पूर्वी वर्मा आदि शामिल रहीं। ब्यूरो