सात विशेषताओं में होगी पढ़ाई, शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 35 सीटों पर दाखिले की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आयुर्वेदिक शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (जीएएमसी) अखनूर को पहली बार 35 पोस्टग्रेजुएट सीटों की मंजूरी मिल गई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 35 सीटों पर दाखिले होंगे, लेकिन अनुमति पत्र मिलने के बाद ही प्रक्रिया होगी।
नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) ने कॉलेज को सात पीजी डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की अनुमति दी है। इनमें आयुर्वेद संहिता, संस्कृत एवं सिद्धांत, क्रिया शरीर, रचना शरीर, कायचिकित्सा, पंचकर्म, शल्य तंत्र और कौमारभृत्य-बाल रोग शामिल हैं। प्रत्येक विषय में पांच-पांच सीटें स्वीकृत की गई हैं। यह निर्णय हाल ही में एमबीबीएस सीटों में हुई बढ़ोतरी के बाद आया है। इसे जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक कदम बताया जा रहा है।
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सात नए पीजी डिग्री प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर के
स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करेंगे : एलजी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 35 आयुर्वेद पीजी सीटें प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली ने वैश्विक लोकप्रियता हासिल कर ली है। जीएएमसी अखनूर में 35 सीटों वाले सात नए पीजी डिग्री प्रोग्राम जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करेंगे और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को लोकप्रिय बनाएंगे। आयुर्वेद पद्धतियों और अनुसंधान में मानव संसाधन और सहयोग निवारक और समग्र देखभाल को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। जीएमसी जम्मू और जीएएमसी अखनूर के प्रिंसिपल डॉ. अशुतोष गुप्ता ने कहा कि यह कदम प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। विद्यार्थियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।