आईआईएम के ओरिंटेशन प्रोग्राम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री बोले-एनईपी क्रांतिकारी कदम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के जगती स्थित परिसर में सोमवार से एमबीए, एक्जीक्यूटिव एमबीए, पीएचडी के नव प्रवेशी छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू हुआ। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक क्रांतिकारी सुधार बताया।
उन्होंने कहा, अब युवा अभिभावकों के चुने गए विषयों के कैदी नहीं हैं। वे लिटरेचर के साथ साइंस पढ़ सकते हैं। मैनेजमेंट के साथ मेडिकल की पढ़ाई कर सकते हैं। बीते सप्ताह यूनियन कैबिनेट ने जीएफआर यानी सामान्य वित्तीय नियमों में ढील दिए जाने के साथ ही निदेशकों को दो सौ करोड़ रुपये तक के ग्लोबल टेंडर मंजूर करने का अधिकार दिया है। इन सुधारों से विभिन्न संस्थानों को अनुसंधान और प्रबंधन में सहायता मिलेगी। आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बीएस सहाय ने संस्थान को दो अंतरराष्ट्रीय मान्यताए बीजीए और ईएफएमडी मिलने को एक अहम उपलब्धि करार दिया। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए सक्रिय कदमों पर भी प्रकाश डाला। नव प्रवेशी छात्रों से विकसित भारत2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। संस्थान के डीन रिसर्च प्रो. जाबिर अली ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद पी कांबले का संदेश पढ़कर सुनाया। इस मौके पर जेके बैंक के एमडी एवं सीईओ अमिताव चटर्जी, एम्स जम्मू के निदेशक प्रो. शक्ति गुप्ता, आईआईएम जम्मू के अकादमिक डीन प्रो. नितिन उपाध्याय, संस्थान के एडमिशन हेड डॉ. सरबजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
आईआईएम के हॉस्टल का किया उद्घाटन
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यहां नवनिर्मित हॉस्टल परिसर का भी उद्घाटन किया। इसमें कृष्णा, सिंधु, नर्मदा और यमुना नाम के चार हॉस्टल शामिल हैं। हर हॉस्टल में कमरों की संख्या 172 है। इस तरह कुल छात्रों के लिए कुल 688 कमरों की सुविधा बढ़ गई है। डॉ. सिंह ने परिसर के पास रुद्राक्ष का एक पौधा भी रोपा।