शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने घाटी में स्कूली इमारतें जलाने की घटनाओं को निंदनीय करार देते हुए कहा कि ऐसा करने से मसले हल नहीं होने वाले। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले से तनाव और हिंसा के माहौल में सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर के लोगों का ही हुआ है।
पिछले साढ़े तीन महीनों की हिंसा से रियासत कई बरस पीछे चली गई है। इस तथ्य को जितनी जल्दी समझ लिया जाए अच्छा है, वर्ना वापसी के लिए बहुत देर हो जाएगी।
नईम अख्तर ने कहा, जिन लोगाें की जानें गईं हैं, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता है, लेकिन युवाओं का भविष्य बचाना संभव है, जिसके लिए सभी को गंभीरता से अमन बहाली में सहयोग देना होगा। उन्होंने कहा, स्कूली इमारत को जलाना एक स्कूल का नुकसान नहीं है, बल्कि पूरे समाज का नुकसान है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी पार्टी के स्टैंड पर बार-बार साफ कर चुकी हैं। हिंसा चक्र को रोक कर ही संवाद का रास्ता खुल सकता है। हर विचारधारा और वर्ग के लोगाें को संवाद की अहमियत समझनी होगी। कश्मीर की कई पीढ़ियों ने नाजुक हालात का खामियाजा भुगता है। ऐसा भविष्य में न हो, इसके लिए तो एकजुटता के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कश्मीर में नए उद्योग बंद हो गए हैं। उद्यमियों ने कश्मीर छोड़ दिया है। रियासत इन घटनाओं से बरसों पीछे जा रही है जिसे जल्द से जल्द समझने की जरूरत है।