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ऑनलाइन पढ़ाई ने गरीबों की मुश्किलें बढ़ाई

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परगवाल। कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए सरकार ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दे रही है। प्राइवेट स्कूल हो या सरकारी स्कूल सभी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई ने मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं।
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वजह है ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन की खरीददारी। इसके लिए अभिभावक काफी परेशान हैं। क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं, जिससे वह बच्चों को स्मार्टफोन उपलब्ध करा सकें। इनमें से ज्यादातर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक हैं। स्थानीय निवासी रतन लाल ने कहा कि उनके दो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। दिहाड़ी मजदूर होने के कारण वह किसी तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अब उनके बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन की मांग कर रहे हैं। इसकी कीमत बाजार में 6 से 8 हजार रुपये है। इसकी खरीददारी करना उनके वश में नहीं है। दूसरी तरफ गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत करने वाले सुखदेव सिंह ने कहा कि उनके तीन बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। महंगाई के इस दौर में उनके तीन बच्चों के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराना बहुत मुश्किल है, जिससे वह मायूस हैं।
सीमा क्षेत्र परगवाल में ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं। उसमें से कुछ गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत करने वाले हैं। महंगाई के इस दौर में उनके लिए स्मार्टफोन खरीदना बहुत मुश्किल है। हालांकि कुछ अभिभावकों ने किसी तरह बच्चों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए भी हैं, लेकिन कुछ अभिभावक स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं। जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं वह अपने घर वालों से पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन की मांग कर रहे हैं, जिससे उनके अभिभावक काफी परेशान हैं।
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