जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में ली गई पुस्तकों को समय पर न लौटाने के चलते छात्रों, शोधार्थियों और अध्यापकों पर लगाया गया जुर्माना माफ किया जाए। यह अपील विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रसाल ने पुस्तकालय अध्यक्ष को पत्र लिखकर की है। इसमें बताया गया है कि डेढ़ साल से विश्वविद्यालय और देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। मार्च, 2020 से विश्वविद्यालय बंद है। ऑनलाइन पढ़ाई चल रहा है। इस कारण अधिकांश छात्र, शोधार्थी और शिक्षक पुस्तकालय से ली गई पुस्तकें निर्धारित समय में वापस नहीं कर सके हैं, इसलिए उनका जुर्माना माफ किया जाए।