जम्मू। यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से विकसित तलाश मोबाइल एप जम्मू-कश्मीर में ऐसे बच्चे की जानकारी जुटाएगा, जिनका कभी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ या फिर दाखिले होने के बाद वे किसी कारण स्कूल छोड़ गए। यह बात समग्र शिक्षा परियोजना के निदेशक अरुण मन्हास ने वीरवर को आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन विषय पर आयोजित एक कार्यशाला में कही।
उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा ने जम्मू-कश्मीर में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए तीन गैर आवासीय प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 2765 ऐसे बच्चों को दाखिला दिया है जो कभी स्कूल नहीं गए। इन बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए 53 नियमित शिक्षक स्वयंसेवकों को शामिल किया है। 2765 नामांकित बच्चों में से 1151 को मुख्यधारा में शामिल किया गया है, और शेष बच्चों को मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया चल रही है। वीरवार को टीचर्स भवन जम्मू में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) नई दिल्ली के सहयोग से समग्र शिक्षा जेएंडके की ओर से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसका मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा प्रणाली से जोड़ना था जो कभी स्कूल नहीं गए। इस कार्यशाला में मुख्य शिक्षा अधिकारियों, क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों और एकीकृत बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस), किशोर न्याय बोर्ड, बाल संरक्षण समितियों और श्रम आयोग के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यशाला के दौरान परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा डॉ. अरुण मन्हास ने समग्र शिक्षा के तहत स्कूल न जा पाने वाले बच्चों की पहचान और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने को लेकर कई पहल के बारे में जानकारी दी।