केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में सुविधाओं का अभाव है। इस कारण प्रति वर्ष पीजी दाखिले में छात्रों का रुझान कम होता जा रहा है। विश्वविद्यालय के हिंदी, इंग्लिश और पत्रकारिता विभाग सहित अन्य विभागों ने बीते वर्ष सीटें भी कम कर दी गई हैं। लेकिन वर्तमान में रखी गई 30-30 सीटें भी विभागों के लिए भरना मुश्किल हो गई हैं। खाली सीटें भरने के लिए विभागों ने दोबारा पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की है। जिन अभ्यर्थियों ने सीयूईटी की परीक्षा दी थी, उन्हें ही पंजीकरण का मौका दिया गया है। अगर इस प्रक्रिया से भी सीटें नहीं भरी गईं तो ओपन काउंसलिंग भी की जा सकती है या विभागीय स्तर पर बीते वर्ष की तरह लिखित परीक्षा ली जाएगी।
फिलहाल प्रशासन सीयूईटी के आधार पर सीटें भर रहा है। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के पास अपने स्थायी होस्टल अभी कार्यात्मक नहीं हैं। अस्थायी तौर पर सैनिक कॉलोनी में किराये पर हॉस्टल लिया गया है। करीब 27 किलोमीटर सफर तय कर किराये पर वाहन कर छात्रों को राया मोड़ तक जाना पड़ रहा है। राया मोड़ से विश्वविद्यालय की बसें छात्रों को पहुंचाती हैं। शाम को विश्वविद्यालय से राया मोड़ तक भी छोड़ देती हैं। दूरदराज इलाकों के छात्र देर शाम तक घरों में पहुंचते हैं। विवि के समीपवर्ती इलाकों में किराया बढ़ाया गया है। यहां पढ़ाई कर रहे प्रदेश के 20 जिलों समेत लद्दाख और अन्य राज्यों के विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं।
विवि में ब्वॉयज हॉस्टल तैयार, पर अभी तक शुरू नहीं
विवि परिसर में ब्वॉयज होस्टल तैयार है, लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया। अन्य हॉस्टल का निर्माण कार्य भी जारी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का दावा है कि इस बार 100 छात्रों को परिसर में स्थायी हॉस्टल उपलब्ध करवाने की कोशिश जारी है। लेकिन अन्य छात्रों को सैनिक कॉलोनी सहित अन्य स्थानों से आना पड़ता है। प्रशासन ने राया मोड़ से सटे इलाकों में भी हॉस्टल के लिए इमारत देख रखी है।
किस साल कितनी सीटें
विषय 2020 (सीटें) 2021 (सीटें) 2022 (सीटें)
- स्नातक एकीकृत डिग्री कोर्स 45 45 40
- एकीकृत बीएड 45 45 50
- पीजी मैटीरियल साइंस 35 35 20
- पीजी इनवायरमेंटल साइंस 45 40 40
- पीजी हिंदी 45 45 30
- एमए सोशल वर्क 50 50 30
- पीजी मास कम्यूनिकेशन 50 50 30
- एमए पीपीए 50 50 30
- एमए इंग्लिश 45 45 40
- एमबीए मार्केटिंग मैनेजमेंट 45 45 30